आशुतोष शर्मा/जयपुर: राजस्थान में मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे तक कोरोना के 551 मामले दर्ज किए गए हैं. इसमें सबसे अधिक मामले भीलवाड़ा, अलवर, पाली में दर्ज हुए हैं. राजस्थान स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब राज्य में एक्टिव केस की संख्या 13 हजार 222 हो गई है.

वहीं, मंगलवार सुबह तक 551 केस दर्ज होने के बाद, राज्य में कुल कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या 46 हजार 106 हो गई है. इसमें से 32 हजार 157 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं. जबकि, कुल कोविड पॉजिटिव 727 मरीजों की मौत हो चुकी है.

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को कोटा से 73, उदयपुर में 32, डूंगरपुर में 24, बारां में 17, बीकानेर में 55, पाली में 72, बासंवाडा में 3, जैसलमेर में 3, बाड़मेर में 37, भीलवाड़ा में 95, चुरू में11, अलवर में 85, जयपुर में 43 और अन्य राज्य 1  का व्यक्ति कोविड संक्रमित मिला है.

इधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा है कि, जिन जिलों में कोरोना के पॉजिटिव मामले बढ़ रहे हैं, वहां जिला कलेक्टर आवश्यकता अनुसार सीमित क्षेत्र में लॉकडाउन (Lockdown), रात्रि कर्फ्यू, कन्टेनमेंट सहित अन्य पाबंदियां लगा सकते हैं.

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन खुलने के बाद, लोगों में कोरोना के प्रति सतर्कता में कमी आई है. साथ ही, आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों, परिवहन एवं अन्य आवागमन के दौरान लापरवाही के कारण तेजी से मामले बढ़े हैं. ऐसे में कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन जरूरी है.

गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि, लोग स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के पालन में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतें. लॉकडाउन की तरह ही पूरी गम्भीरता के साथ मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing), सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूंकने सहित अन्य सावधानियों का पालन करें. क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एवं विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार आने वाले समय में कोरोना की स्थिति और विकट हो सकती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि, आर्थिक गतिविधियों का संचालन आवश्यक है, लेकिन वहां हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराया जाए. उन्होंने कहा कि, कार्यस्थलों एवं कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करवाया जाए. साथ ही, यह भी ध्यान रखा जाए कि, किसी भी स्थान पर भीड़भाड़ नहीं हो. लोग बेवजह घरों से नहीं निकलें. उन्होंने कहा कि, होम क्वारंटाइन में रह रहा कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करे तो, उसे संस्थागत क्वारंटाइन में भेजा जाए.

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